Monday, September 20, 2010

एक पुरानी गाडी

आज सुबह जब हम cab से जा रहे थे
रस्ते में एक पुरानी कार जा रही थी
एक बुज़ुर्ग उसको चला रहे थे
खुद भी वो एक बुज़ुर्ग सी लग रही थी
उसको देखकर कुछ लिखा है :-


बेकाबू भीड़ में एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था
आगे थी पहले, फिर पीछे जाती हुई कहीं खो गई
एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था

आगे रास्ता साफ़ था,
पीछे लगी होर्न की आवाजें उसको डरा रहीं थी
एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था

कुछ मोड़ मुड़ गई थी
कुछ रास्ते भूल गई थी
एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था

कभी उसका भी रंग नया था
सुना है उडती थी सड़क पकड़ कर
एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था

कभी वोह हर मुसाफिर की मुराद थी
आज वो उम्र सी खामोश थी
एक पुरानी गाडी थी, जिसका रंग उतर चुका था